देहरादून।उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। पूर्व आईएएस अधिकारी और उत्तराखंड सरकार के पूर्व सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी ने 8 मार्च 2026 से देहरादून के एकता विहार (सहस्त्रधारा रोड) में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की घोषणा की है।

इस आंदोलन को उन्होंने ‘प्रण से प्राण तक’ का नाम देते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक गैरसैंण को पूर्णकालिक स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से ही गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग लगातार उठती रही है,
लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी न बनाना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा और स्वाभिमान पर गहरा आघात है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अब तक पांच बार शांतिपूर्ण आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। रतूड़ी के अनुसार उन्होंने आरटीआई के माध्यम से करोड़ों रुपये के बजट और राजधानी से जुड़े खर्चों का हिसाब भी मांगा, साथ ही सांसदों और विधायकों से भी इस विषय पर पहल करने का आग्रह किया, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।पूर्व आईएएस अधिकारी का कहना है
कि अब यह संघर्ष निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने गैरसैंण को तत्काल राजधानी घोषित नहीं किया, तो वर्तमान क्रमिक अनशन जल्द ही आमरण अनशन में बदल सकता है। साथ ही आंदोलनकारी न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के साथ-साथ बड़े जनसमूह के साथ विधानसभा घेराव भी करेंगे।
अनशन स्थल एकता विहार, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में 8 मार्च को प्रातः 10 बजे से यह आंदोलन शुरू होगा। स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति के बैनर तले होने वाले इस आंदोलन में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
