अब चमोली को बनाएंगे देश का पहला जिला, संतोष खंडूड़ी का बड़ा दावा; 2027 में कर्णप्रयाग से चुनाव लड़ने को भी तैयार

पत्रकार वार्ता में बोले दायित्वधारी संतोष खंडूड़ी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पहाड़ में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है

अब चमोली को बनाएंगे देश का पहला जिला, संतोष खंडूड़ी का बड़ा दावा; 2027 में कर्णप्रयाग से चुनाव लड़ने को भी तैयारपत्रकार वार्ता में बोले दायित्वधारी संतोष खंडूड़ी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पहाड़ में विकास की नई इबारत लिखी जा रही हैगढ़ देश न्यूज़ | विशेष रिपोर्टकर्णप्रयाग। उत्तराखंड की राजनीति में विकास और क्षेत्रीय पहचान को लेकर एक नई बहस छेड़ते हुए सरकार में दायित्वधारी संतोष खंडूड़ी ने कहा कि अब चमोली जिले को देश का पहला जिला बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की अनेक योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाना है।चमोली दौरे पर पहुंचे संतोष खंडूड़ी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यूसीसी और एसआईआर जैसी व्यवस्थाएं भी प्रदेश की व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए भी प्रयासरत है।खंडूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहाड़ के प्रति विशेष लगाव है। इसी का परिणाम है कि पहले सीमांत क्षेत्रों के गांवों को लेकर देशभर में चर्चा हुई और अब चमोली को देश का पहला जिला बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय जिलों में बुनियादी सुविधाओं, सड़क, संचार, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।गैरसैंण राजधानी के सवाल पर भी रखी बातगैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने के सवाल पर संतोष खंडूड़ी ने कहा कि गैरसैंण में राजधानी के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थागत विकास के कार्य पूरे होने के बाद गैरसैंण राजधानी बनेगी। इस बयान के बाद एक बार फिर उत्तराखंड की स्थायी राजधानी का मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।विपक्ष पर साधा निशाना, एसआईआर को लेकर कही यह बातखंडूड़ी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह एसआईआर को लेकर राजनीति कर रहा है। उनके अनुसार एसआईआर को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि यह व्यवस्था लोकतांत्रिक प्रक्रिया को व्यवस्थित करने से जुड़ी है।2027 में कर्णप्रयाग से चुनाव लड़ने के सवाल पर दिखाई तैयारीपत्रकार वार्ता के दौरान 2027 के विधानसभा चुनाव और कर्णप्रयाग विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर भी संतोष खंडूड़ी से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि यदि पार्टी वर्ष 2027 में कर्णप्रयाग विधानसभा से उन्हें जिम्मेदारी देती है तो वह इसे सहर्ष स्वीकार करेंगे और पूरी निष्ठा के साथ उसका निर्वहन करेंगे।उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कर्णप्रयाग सीट पर संभावित राजनीतिक सक्रियता और दावेदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, भाजपा में टिकट का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को ही करना है।विकास के दावों के बीच जनता की उम्मीदें भी अहमसंतोष खंडूड़ी के बयान ने चमोली के विकास, गैरसैंण की राजधानी और 2027 के चुनावी समीकरणों को एक साथ चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि चमोली को देश का पहला जिला बनाने का उनका संकल्प किस ठोस कार्ययोजना में बदलता है और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की घोषणा कब तक धरातल पर उतरती है।कर्णप्रयाग विधानसभा से चुनाव लड़ने की इच्छा जताकर उन्होंने अपने राजनीतिक इरादे भी स्पष्ट कर दिए हैं। अब निगाहें पार्टी के आगामी फैसलों और क्षेत्र की जनता की प्रतिक्रिया पर रहेंगी।गढ़ देश न्यूज़ | अरविन्द जयाड़ा की रिपोर्ट

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *