जनगणना-2027 के लिए पुरोला में प्रशिक्षण संपन्न, 1 दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणकतीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को दी गई जिम्मेदारी, परिवारों से पूछे जाएंगे करीब 40 सवालगढ़ देश न्यूज़ | अरविन्द जयाड़ा की रिपोर्टपुरोला (उत्तरकाशी)। जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर विकासखंड पुरोला में आयोजित प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण में प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को जनगणना कार्य की प्रक्रिया, परिवारों से जानकारी एकत्र करने, निर्धारित प्रपत्र भरने तथा आंकड़ों को सही तरीके से दर्ज करने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 1 नवंबर को तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी कमल सिंह राठौर ने किया था। तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने प्रशिक्षार्थियों को बताया कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में सहायता मिलती है।
अधिकारियों ने सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि जनगणना के दौरान पूरी सावधानी, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। परिवारों से जानकारी लेते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। प्रशिक्षण में जनगणना के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी जानकारी दी गई।प्रशिक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूदप्रशिक्षण कार्यक्रम में सांख्यिकीय अधिकारी अंकित नेगी, रजिस्ट्रार कानूनगो ज्योति राणा, राजस्व निरीक्षक जितेंद्र दत्त थपलियाल, मास्टर ट्रेनर आनंद जयाड़ा एवं मनोज सेमवाल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।16 नवंबर से स्व-गणना की सुविधाउत्तराखंड में नागरिकों को 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके बाद 1 दिसंबर से प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनगणना करेंगे। जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में पुरोला क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रगणकों और सुपरवाइजरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।संदर्भ: भारत सरकार का जनगणना पोर्टल एवं जनगणना कार्यक्रम संबंधी प्रकाशित जानकारी।गढ़ देश न्यूज़ का संदेश: जनगणना में प्रत्येक परिवार की सहभागिता जरूरी है। सही जानकारी, निष्पक्ष सर्वेक्षण और जिम्मेदार कार्यप्रणाली से ही सटीक जनगणना संभव है।

