गुलदार के डर से स्कूलों में घट रही छात्र संख्या, कई जगह अवकाश घोषित।

मकेश्वर विकासखंड के मवालस्युं पट्टी क्षेत्र में गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों से विद्यालयों में भय का माहौल बना हुआ है।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय सासों सहित क्षेत्र के करीब 14 विद्यालय गुलदार की दहशत की चपेट में हैं। हाल ही में विद्यालय परिसर में दो गुलदार दिखाई देने के बाद अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामीणों में चिंता और बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सुबह और शाम के समय बच्चों को विद्यालय भेजना खतरे से खाली नहीं रह गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।

इसका असर विद्यालयों में छात्र संख्या पर भी साफ दिखाई देने लगा है।

🗣️ ग्राम प्रधान सीमा देवी की प्रतिक्रिया“विद्यालय परिसर में लगातार गुलदार की गतिविधियां देखी जा रही हैं, जिससे बच्चों और अभिभावकों में डर का माहौल बना हुआ है। हमने इस संबंध में वन विभाग को सूचना दी है और लगातार संपर्क किया जा रहा है। हमारी पहली प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा है। प्रशासन और वन विभाग को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि बच्चे बिना भय के विद्यालय आ-जा सकें।

”समाजसेवी सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए कई अभिभावक अपने बच्चों का दूसरे विद्यालयों में प्रवेश कराने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, पिंजरे लगाने और विद्यालयों के आसपास निगरानी बढ़ाने की मांग की है।घटना के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

खंड शिक्षा अधिकारी मनोज जोशी ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर प्रभावित विद्यालयों में सुरक्षा के मद्देनज़र अवकाश घोषित किया गया है।

साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि स्थिति सामान्य होने तक बच्चों को अकेले बाहर न भेजें।लगातार बढ़ती गुलदार की घटनाओं ने पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है। अब ग्रामीण प्रशासन और वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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