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धर्म और आस्था विशेष
📍 हरिद्वार📅 10 मई 2026✍️ अरविन्द जयाडा
जीवित पत्नी का गंगा में कर दिया पिंडदान, वायरल वीडियो पर मचा बवालअब अनुष्ठान कराने वाले पुरोहित पर भी कार्रवाई के संकेतहरिद्वार की धर्मनगरी हरकी पैड़ी से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने धार्मिक आस्था, सनातन परंपराओं और गंगा की मर्यादा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अपनी जीवित पत्नी की तस्वीर के साथ पिंडदान जैसी धार्मिक क्रिया करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में कथित तौर पर पूजा-अर्चना और तर्पण के बाद तस्वीर को गंगा में प्रवाहित करते हुए भी देखा जा रहा है।सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, व्यक्ति अपनी पत्नी की लगातार रील बनाने की आदत से नाराज था
और इसी कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।वीडियो वायरल होने के बाद तीर्थ पुरोहितों, संत समाज और धार्मिक संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई संतों और पुरोहितों ने इसे सनातन परंपराओं का अपमान बताते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों को सोशल मीडिया मनोरंजन और व्यक्तिगत विरोध का मंच बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा कि हरकी पैड़ी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इस तरह की गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं। उन्होंने प्रशासन से वीडियो में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।वहीं अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने भी कहा कि यदि किसी पुरोहित ने नियमों और धार्मिक मर्यादाओं की अनदेखी करते हुए यह अनुष्ठान कराया है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। संत समाज का कहना है कि धार्मिक कर्मकांडों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।सूत्रों के अनुसार, प्रशासन और पुलिस अब इस मामले में वीडियो की सत्यता, उसमें शामिल व्यक्तियों और कथित अनुष्ठान कराने वाले पुरोहित की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।
यदि जांच में धार्मिक परंपराओं के दुरुपयोग या कानून व्यवस्था प्रभावित करने जैसी बात सामने आती है, तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी संजीत कंडारी ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है
और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने और सनातन परंपराओं के सम्मान की अपील की है।
