रवांई पृथक जनपद की बैठक में अध्यक्ष बलदेव असवाल ने कह दी ऐसी बात, दूर-दूर तक हो रही चर्चान्याय पंचायत चंदेली के हुडोली गांव में आज रवांई पृथक जनपद की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में क्षेत्र के प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न गांवों से पहुंचे गणमान्य लोगों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।बैठक का मुख्य उद्देश्य रवांई क्षेत्र को पृथक जनपद बनाए जाने की मांग को लेकर जनसमर्थन मजबूत करना और क्षेत्रीय एकता का संदेश देना रहा।
वक्ताओं ने कहा कि यदि रवांई क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है तो सभी लोगों को राजनीतिक मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा।बैठक के दौरान अध्यक्ष बलदेव असवाल के बयान की सबसे अधिक चर्चा रही। उन्होंने कहा कि —“2027 में हम उसी व्यक्ति का समर्थन करेंगे जो रवांई पृथक जनपद की मांग को लेकर जनता के साथ संघर्ष करेगा।
जो लोग जिला आंदोलन में साथ नहीं देंगे, उनका जनता खुलकर विरोध करेगी।”उनके इस बयान के बाद बैठक में मौजूद लोगों ने जोरदार समर्थन किया और जिला आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने का संकल्प लिया।बैठक में उपस्थित प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि पुरोला और यमुनोत्री क्षेत्र को केंद्र में रखकर पृथक रवांई जनपद की मांग अब जनभावना बन चुकी है।
लोगों ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि पूरे रवांई क्षेत्र के विकास, प्रशासनिक सुविधा और जनता के अधिकारों के लिए लड़ा जा रहा है।नेत्री गांव के प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि अब समय आ गया है कि यमुनोत्री और पुरोला क्षेत्र के लोग आपसी मतभेद छोड़कर एकजुट हों।
उन्होंने कहा —“यमुनोत्री वालों और पुरोला वालों से निवेदन है कि आपसी लड़ाई छोड़कर अब हम सबको रवांई पृथक जनपद की मांग को लेकर एक मंच पर आना चाहिए। यदि पहले की तरह हम आपस में ही लड़ते रहे तो जिला कभी नहीं बन पाएगा।
”वहीं कन्ताड़ी गांव के प्रधान ने भी जनता से एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि रवांई क्षेत्र की जनता को अब छोटे-छोटे विवादों से ऊपर उठकर जिला आंदोलन को मजबूत करना होगा।“सभी यमुनोत्री और पुरोला क्षेत्र की जनता से निवेदन है कि आपस में इस तरह की लड़ाई न करें।
एकजुट होकर हम सबको जिला निर्माण के लिए संघर्ष करना चाहिए।”स्वील गांव के प्रधान ने गांव-गांव की माताओं और बहनों से भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि 11 मई को पुरोला में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सरकार के सामने पृथक जनपद की मांग को मजबूती से रखा जाए।ठड़ूंग के प्रधान ने बैठक में कहा कि पृथक जनपद आंदोलन किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं बल्कि रवांई की जनता का मंच है।
उन्होंने कहा —“जनपद की मांग को लेकर सभी पार्टियों के नेताओं का स्वागत है, लेकिन जो भी नेता इस आंदोलन में शामिल होगा, वह किसी पार्टी विशेष का प्रतिनिधि बनकर नहीं बल्कि रवांई जनपद आंदोलनकारी बनकर आए। यह मंच किसी बड़े नेता का नहीं, बल्कि रवांई जनपद की एकता और अखंडता का मंच है।”उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस मंच पर आएगा, वह केवल रवांई की एकता और जनपद निर्माण की लड़ाई के लिए शामिल होगा।
बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य कन्ताड़ी ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए विकास कार्यों में आ रही बाधाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पृथक जनपद बनने से क्षेत्र की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।ब्लॉक अध्यक्ष फौजी साहब ने भी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने का है। उन्होंने कहा —“अब हम सब मिलकर एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगे। जो भी हमारे आंदोलन और क्षेत्र की मांगों का सहयोग करेगा, हम भी उसका पूरा सहयोग करेंगे।”प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से बैठक में सामूहिक रूप से कहा गया कि रवांई पृथक जनपद की मांग केवल प्रशासनिक सुविधा का विषय नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सम्मान, विकास और अधिकारों की लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाकर जनता को एकजुट किया जाएगा और हर स्तर पर सरकार तक रवांई की आवाज पहुंचाई जाएगी। बैठक मे उपस्थित प्रदीप कलूड़ा 53 करोड़ यशवंत भंडारी रुक्मसिह राणा क्षेत्रपचायत सदस्य पूरन चंद क्षेत्रपचायत शशि भूषण जाकुडी प्रधान जयपाल भारती पानी गांव किशन सिंह रावत ठडुग जयेंद्र सिंह नेगी हुदौली, सुरेश कुमार हरदेव सिंह राणा सुरेंद्र सिंह रावत देवेंद्र दत्त पैन्यूली लाइव सिंह नेगी फौजी दीपक धिमान पंचराम सिंह नीरजराणा प्रकाश डबराल बलदेव असवाल जयवीर सिंह रावत जगबीर सिंह रावत एडवोकेट ज्ञान सिंह राणा आदि लोग उपस्थित रहे
