(उत्तरकाशी)।पुरोला क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले कमलनदी–पोरा–गुन्दियाट मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीण रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग पर आवाजाही करने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग कई स्थानों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।

सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, धंसे हुए हिस्से और किनारों पर भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके बावजूद लोग मजबूरी में इसी रास्ते से अपने वाहनों को निकाल रहे हैं, जिससे हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग के अधिकारी कुंभकरणीय निद्रा में सोए हुए हैं
और केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित हैं। वहीं जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े दावे तो करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद मार्ग की सुध नहीं ली गई।गौरतलब है कि पुरोला नगर की आधे से अधिक आबादी इसी मोटर मार्ग पर निर्भर है। ऐसे में इस सड़क की बदहाली सीधे तौर पर हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।इस बीच कुछ कथित तत्वों द्वारा समस्या को उजागर करने वाले लोगों और पत्रकारों को धमकाने के प्रयास भी सामने आए हैं, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करते हैं।स्थानीय जनता ने प्रशासन से जल्द से जल्द मार्ग की मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग की है,
ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
