हल्द्वानी में मुख्यमंत्री की चुटकी के बाद राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म, फिलहाल आधिकारिक घोषणा नहीं

गढ़ देश न्यूज़ | अरविन्द जयाड़ा की रिपोर्ट

देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित IAS अधिकारी दीपक रावत एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह उनका कोई वायरल वीडियो या प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उनकी संभावित राजनीतिक एंट्री को लेकर शुरू हुई अटकलें हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की एक टिप्पणी के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या दीपक रावत आने वाले समय में प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति का रुख कर सकते हैं?दरअसल, सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान हेलीपैड पर कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत भी मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए मौजूद थे। स्वागत के दौरान मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री राम सिंह खेड़ा के हाथों से फूलों का गुलदस्ता लेते हुए दीपक रावत की ओर इशारा कर कहा कि आने वाले दिनों में कमिश्नर साहब को भी ऐसे ही आना है। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर वहां मौजूद लोग मुस्कुरा उठे।मुख्यमंत्री की इस हल्की-फुल्की टिप्पणी को अब दीपक रावत की संभावित राजनीतिक पारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री के बयान का वास्तविक आशय क्या था, इसे लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। वहीं दीपक रावत की ओर से भी राजनीति में आने को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है।

कौन हैं IAS दीपक रावत?

दीपक रावत 2007 बैच के उत्तराखंड कैडर के IAS अधिकारी हैं। मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के लोली गांव के रहने वाले दीपक रावत का जन्म 14 सितंबर 1977 को हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मसूरी के सेंट जॉर्ज कॉलेज से प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से इतिहास में स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से इतिहास में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की।IAS बनने से पहले वह भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह कुमाऊं मंडलायुक्त के साथ मुख्यमंत्री के सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

अब निगाहें

भविष्य परदीपक रावत की लोकप्रियता और प्रशासनिक कार्यशैली को देखते हुए उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं नई नहीं हैं। मुख्यमंत्री की ताजा टिप्पणी ने इन चर्चाओं को एक बार फिर हवा दे दी है। हालांकि, अभी इसे राजनीतिक संकेत मानना जल्दबाजी होगी। सवाल यही है कि क्या यह महज मुख्यमंत्री की एक चुटकी थी या इसके पीछे भविष्य की राजनीति का कोई संकेत छिपा है? फिलहाल इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *