उत्तरकाशी/देहरादून (संवाददाता): उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ द्वारा अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर किए जा रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन को अब व्यापक समर्थन मिलने लगा है। विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनरत इंजीनियरों के प्रति एकजुटता दिखाई और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की।धरना स्थल पर पहुंचे समर्थकों ने कहा कि प्रदेश के विकास कार्यों में डिप्लोमा इंजीनियरों की अहम भूमिका है,

लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है और अब वे आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं।महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में वेतन विसंगतियों का समाधान, पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार, संवर्ग पुनर्गठन, सेवा शर्तों में सुधार और कार्यभार के अनुरूप सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।आंदोलन के चलते विभिन्न विभागों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इसके बावजूद कर्मचारियों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और सम्मान की है, जिसे वे किसी भी कीमत पर जारी रखेंगे।धरना स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने सरकार से अपील की कि वह कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द वार्ता कर समाधान निकाले, ताकि प्रदेश के विकास कार्यों पर पड़ रहा असर खत्म हो सके।
