देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की चौथी बैठक में राज्य की महत्त्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवर फ्रंट कॉरिडोर और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने को कहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी का गठन राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
इसके लिए सभी विभागों को समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर कर योजनाओं को सरल और समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने पर जोर दिया।धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी छह माह के भीतर इन परियोजनाओं की जमीनी प्रगति नजर आनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक परियोजना की स्पष्ट टाइमलाइन तय कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शारदा कॉरिडोर के संबंध में मुख्यमंत्री ने भूमि उपलब्धता के साथ क्षेत्र की भूस्खलन संवेदनशीलता का अध्ययन करने और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिवर फ्रंट विकास और घाटों के सौंदर्यीकरण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।आगामी हरिद्वार कुंभ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा स्वच्छता, घाटों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे उत्तराखण्ड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, गंगा और शारदा कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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