देहरादून/डोईवाला।देहरादून जिले में विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) धनवीर सिंह बिष्ट को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई नेपाली फार्म के पास की गई, जहां टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा।
इस मामले में पुष्पांजलि नामक एक महिला को भी सह-अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया गया है।जानकारी के अनुसार, आरोप है कि गंगाजली स्कूल में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत बच्चों के दाखिले के बदले ₹1 लाख की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने तत्परता दिखाते हुए ट्रैप ऑपरेशन अंजाम दिया और जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, जिसमें अभियुक्त खंड शिक्षा अधिकारी अपनी गाड़ी से नेपाली फॉर्म पहुंचा अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर शिक्षा को अधिकार और सेवा का माध्यम माना जाता है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के मामले पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर देते हैं।
👉 सवाल यह है कि क्या शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में भी अब रिश्वतखोरी ‘नियम’ बनती जा रही है?
👉 क्या ऐसे अधिकारी बच्चों के भविष्य के साथ सौदेबाजी कर रहे हैं?यह मामला न सिर्फ कानून के दायरे में अपराध है, बल्कि नैतिक रूप से भी शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा धब्बा है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी इस तरह के कृत्य करने से पहले सौ बार सोचे।
