रामा वार्ड जिला पंचायत सीट पर दीपक बिजल्वाण की मजबूत पकड़, भीतरघात, निष्क्रिय विपक्ष और बंटवारे से मुकाबला कमजोर ।

🗳️ रामा वार्ड जिला पंचायत सीट पर दीपक बिजल्वाण की मजबूत पकड़, भीतरघात, निष्क्रिय विपक्ष और बंटवारे से मुकाबला कमजोर

📍 उत्तरकाशी, 25 जुलाई 2025त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के तहत रामा वार्ड जिला पंचायत सीट पर मुकाबला अब लगभग एकतरफा होता नजर आ रहा है।

सूत्रों अनुसार पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण की स्थिति लगातार मजबूत है। राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों की निष्क्रियता, जनता में बढ़ता असंतोष, भाजपा के भीतर भीतरघात और विपक्ष में प्रत्याशी बंटवारा जैसे कारकों ने दीपक की राह को फिलहाल साफ कर दिया है।

🚧 विकास के मुद्दे: अधूरी सड़कें, भ्रष्टाचार का आरोपक्षेत्र की सड़क व्यवस्था बदहाल है। कई स्थानों पर सड़कों का निर्माण या तो अधूरा है या फिर घटिया गुणवत्ता का है। जनता में यह धारणा बन चुकी है कि ये कार्य भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ चुके हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और ठेकेदारों से कथित मिलीभगत की चर्चाएं आम थी चुनाव में । तथा अंदर ही अंदर एक सवाल जनता कर रहीथी विधायक निधि, के बर्तनों व सांसद निधि करोड़ों का गबन पर भी अंदर ही अंदर चर्चा हो रही थी

गुन्दियाट गांव में अधूरे पड़े जल जीवन मिशन के कार्य और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों की निष्क्रियता ने भी लोगों को विकल्प की तलाश में मजबूर किया

जिसका रास्ता प्रीतम सिंह राणा व विपेन्दर रावत अभिमन्यु और एकलव्य का अंगूठा दान( उनकी जगह)— यह विकल्प इस बार दीपक बिजल्वाण बनते नजर आ रहे हैं।

🧍‍♂️ विपक्षी खेमे में बंटवारा, भाजपा में भीतरघात इस बार विपक्ष में हरि मोहन नेगी और मोनिका नेगी दोनों का रामा वार्ड से मैदान में आना, सीधे-सीधे दीपक बिजल्वाण को लाभ पहुंचाता दिखाई दे रहा है।

पहले जो लोग सत्येंद्र राणा के समर्थक माने जाते थे, वे बाद में हरि मोहन नेगी के खेमे में चले गए। गुन्दियाट गांव, कंडियाल गांव, महरगांव, रेवड़ी जैसे कई प्रमुख गांवों में हरि मोहन नेगी को समर्थन तो मिला, लेकिन इस बंटवारे से एक मजबूत विपक्ष की संभावना खत्म हो गई, और मतों का बड़ा हिस्सा बंट गया, जिसका सीधा फायदा दीपक को मिलता दिख रहा था।भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं का वोट बैंक में उत्साह की कमी साफ देखी जा रही है। कई स्थानों पर कार्यकर्ता या तो निष्क्रिय हैं या फिर मौन समर्थन दीपक को दे रहे थे। इससे भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंधमारी की स्थिति बन गई है।

🙏 धार्मिक जुड़ाव और जमीनी पकड़ बनी ताकत दीपक बिजल्वाण की धार्मिक आस्था और स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों में भागीदारी ने भी उन्हें आम जनता के करीब ला खड़ा किया है।उदकोटी महरगांव, कंडियाल गांव, लेवटाड़ी, डिगाड़ी, किमडार, कौशलों आदि गांवों में देवी-देवताओं के अनुष्ठान मंदिर निर्माण में भागीदारी से उन्होंने एक भावनात्मक संबंध कायम किया है।सामान्य जनमानस में चर्चा है कि “2017 का मालचंद वाला खेल” (जहां आखिरी समय में समीकरण बदले थे) इस बार नहीं दोहराया जाएगा। जनता अधिक सतर्क और तयशुदा मिजाज में नजर आ रही है। तथा कतिपय जनप्रतिनिधियों पर अपना आगे का रास्ता साफ करने आम बात भी जनता के बीच में सुनेद जा रही है ।

👥 युवाओं और महिलाओं का समर्थन निर्णायक पोन्टी-बड़ियार, गुन्दियाट, रेवड़ी, कंडियाल और बसंत नगर जैसे क्षेत्रों में युवा मतदाताओं, मातृशक्ति और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खुलकर समर्थन दिया है।धार्मिक व जनकल्याण कार्यों के चलते बने जनसंपर्क और विश्वास के बल पर दीपक बिजल्वाण का जनाधार अब वोटों में तब्दील होता दिख रहा है।रेवड़ी में कांग्रेस समर्थकों का झुकाव, बसंत नगर में भाजपा के समर्थन आधार में सेंध, और गांव-गांव में गहराता जन समर्थन—ये सभी संकेत दीपक की बढ़त की पुष्टि करते हैं।–

-🔚 अब देखना यह है कि मतदान गणना तक बचे चंद दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक गलियारों में फिर मुकाबला वैसे ही एकतरफा बना रहता है। फिलहाल समीकरण पूरी तरह से दीपक बिजल्वाण के पक्ष में झुके हुए प्रतीत हो रहे हैं।-

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