विधायक–शिक्षा निदेशक बेसिक प्रकरण को लेकर कर्मचारी संगठनों की बैठक, कार्यवाही की मांग तेजशिक्षा विभाग की गरिमा और सुरक्षा पर उठे सवाल, संयुक्त मोर्चा बनाने का ऐलानउत्तरकाशी।

विधायक–शिक्षा निदेशक बेसिक प्रकरण को लेकर कर्मचारी संगठनों की बैठक, कार्यवाही की मांग तेजशिक्षा विभाग की गरिमा और सुरक्षा पर उठे सवाल, संयुक्त मोर्चा बनाने का ऐलानउत्तरकाशी, 22 फरवरी 2026।प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल की तहरीर पर दर्ज हुए मुकदमे के बाद विधायक और शिक्षा विभाग के बीच उत्पन्न विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है।

इसी प्रकरण को लेकर जनपद मुख्यालय में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और प्रशासनिक स्वायत्तता को लेकर गंभीर चर्चा की गई।बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ, राजकीय शिक्षक संघ, मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ तथा अन्य विभागीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया

वक्ताओं ने कहा कि हालिया घटनाक्रम से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में असुरक्षा और असंतोष की भावना व्याप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के साथ अभद्रता, दबाव या अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।गरिमा और कानून व्यवस्था पर चिंताबैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि किसी भी पक्ष को कोई शिकायत है।

तो उसका समाधान लोकतांत्रिक और विधिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर सार्वजनिक या राजनीतिक दबाव डालना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि इससे पूरे तंत्र की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगता है।

कर्मचारी नेताओं ने यह भी कहा कि मामला न्यायिक प्रक्रिया में है, इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। साथ ही उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

संयुक्त मोर्चा बनाने का निर्णयबैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा व सम्मान को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो प्रदेश स्तर पर संयुक्त कर्मचारी मोर्चा बनाकर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

इसके तहत ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और आवश्यक होने पर कार्यबहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।कर्मचारी संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजने का भी निर्णय लिया है। ज्ञापन में विभागीय अधिकारियों की सुरक्षा, कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्ति की मांग प्रमुख रूप से शामिल की जाएगी।राजनीतिक हलकों में भी चर्चाउधर, विधायक पक्ष की ओर से अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि समर्थकों का कहना है कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। वहीं, शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है

कि कानून अपना कार्य कर रहा है और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें जांच की दिशा और शासन के रुख पर टिकी हुई हैं।यदि आप चाहें तो इसी खबर का और अधिक तीखा/विश्लेषणात्मक संस्करण या जनहित एंगल के साथ खोजी शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।

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