पुरोला भाजपा प्रमुख निशिता शाह पर एफआईआर दर्ज, मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहींभारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 212, 216, 229(2), 318(4) के तहत मामला दर्ज

(उत्तरकाशी)।पुरोला विकासखंड में भाजपा प्रमुखा निशिता शाह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। पुरोला थाने में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 212, 216, 229(2) एवं 318(4) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है। मामला दर्ज होने के बाद अब पुलिस विवेचना में यह अहम होगा कि भाजपा प्रमुखा पर लगाए गए आरोपों में क्या तथ्य सामने आते हैं।इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए निशिता शाह ने कहा कि उनके विरुद्ध पहले से ही आधा दर्जन से अधिक मामले विभिन्न न्यायालयों एवं माननीय उच्च न्यायालय में लंबित हैं, जिनमें वह नियमानुसार न्यायालयों में उपस्थित हो चुकी हैं। ऐसे में एक ही मामले को लेकर बार-बार अलग-अलग स्थानों पर उन्हें उलझाने की मंशा समझ से परे है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या एक न्यायालय पर विश्वास नहीं है, जो मामलों को बार-बार अलग-अलग जगहों पर ले जाया जा रहा है।“मुझे परेशान करके आखिर क्या हासिल किया जा रहा है? हम न्यायालय का पूरा सम्मान करते हैं। जो भी निर्णय न्यायालय द्वारा आएगा, उसे स्वीकार करेंगे। दूध का दूध और पानी का पानी अवश्य होगा,” निशिता शाह ने कहा।भाजपा प्रमुखा ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल उन्हें, बल्कि उनके साथ जुड़े लगभग 20 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भी अपने क्षेत्रों में विकास एवं संगठनात्मक कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे पुरोला विकासखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि एक ही मामले में अलग-अलग स्थानों पर केस चलाया जाना समझ से परे है।

वहीं, पूर्व विधायक मालचंद ने भी इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें माननीय न्यायालय पर पूरा भरोसा है।“दूध का दूध और पानी का पानी जरूर होगा, लेकिन इस तरह से बार-बार परेशान किया जाना उचित नहीं है। पुलिस अपनी जांच करेगी और विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें हम सम्मानपूर्वक स्वीकार करेंगे,” उन्होंने कहा।पूर्व विधायक ने यह भी जोड़ा कि 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और विरोधियों के पांव तले जमीन खिसकती नजर आ रही है, इसी कारण राजनीतिक दबाव बनाकर उन्हें कानूनी मामलों में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है।इस संबंध में पुरोला थाना अध्यक्ष दीपक कठेत ने बताया कि यह मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा विवेचना शुरू कर दी गई है और जांच के उपरांत ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल, इस घटनाक्रम को लेकर क्षेत्रीय राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की निगाहें पुलिस विवेचना तथा न्यायालय की आगामी कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।

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