–धराली में राहत कार्यों की रफ्तार तेज, जिलाधिकारी ने मोर्चा संभालाधराली,
13 अगस्त।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य मंगलवार को आपदा प्रभावित धराली और आसपास के क्षेत्रों के दौरे पर रहे। घटना के बाद से ही वे लगातार मौके पर रहकर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान, राहत सामग्री वितरण और बुनियादी ढांचे की बहाली की निगरानी कर रहे हैं।
तेजी से बहाल हो रहीं सेवाएं जिलाधिकारी की सतर्क मॉनिटरिंग से धराली में सर्च और रेस्क्यू कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। प्रभावित परिवारों को सहायता राशि, खाद्य सामग्री और जरूरी सामान समय पर पहुंचाया जा रहा है।
सड़कों की मरम्मत, हर्षिल में आंशिक झील से पानी की निकासी और बिजली-पानी की बहाली में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।कल डबरानी के पास ओएफसी लाइन कटने से नेटवर्क बाधित हुआ था, लेकिन आज शाम तक नेट कनेक्टिविटी बहाल होने की उम्मीद है। भंडार गृहों में पर्याप्त रसद और अन्य सामग्री उपलब्ध है,
जिसे सड़क बहाल होने तक जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर से भी भेजा जा रहा है।किसानों के नुकसान का आंकलन पूराउद्यान, कृषि और राजस्व विभाग ने किसानों और बागवानों की नकदी फसल व सेब के नुकसान का आंकलन पूरा कर लिया है।सड़क बहाली में तेजी के निर्देशजिलाधिकारी ने हर्षिल से सोनगाड़ तक क्षतिग्रस्त गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया।
सोनगाड़ के पास लगभग 400 मीटर सड़क पूरी तरह ध्वस्त है। सीमा सड़क संगठन को जल्द से जल्द मरम्मत कर सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी बहाल करने के निर्देश दिए गए। वैली ब्रिज का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वर्तमान में गंगोत्री से धराली और हर्षिल से सोनगाड़ तक ट्रांसशिप के माध्यम से यातायात जारी है। सोनगाड़ से डबरानी तक करीब 2 किमी पैदल मार्ग है, इसके बाद उत्तरकाशी तक सड़क सुचारू है।बैठक में हुए अहम निर्णयजिलाधिकारी और आईजी अरुण मोहन जोशी ने मुखबा में अधिकारियों की बैठक लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में जिला पर्यटन विकास अधिकारी के.के. जोशी, एसडीएम मुकेश रमोला, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. रजनीश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
