राजधानी देहरादून में प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस समारोह–2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा देवतुल्य जनता को संबोधित किया गया तथा समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने वाली समिति के सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वीएलसी (VLC) को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर यूसीसी आधारित फोटो प्रदर्शनी का भी विधिवत शुभारंभ किया गया,
जिसमें समान नागरिक संहिता से जुड़े प्रमुख तथ्यों, उपलब्धियों और सामाजिक प्रभावों को दर्शाया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समान नागरिक संहिता समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और न्याय प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
यूसीसी के लागू होने के बाद उत्तराखंड में बहु-विवाह और हलाला का एक भी मामला सामने न आना, इस कानून की प्रभावशीलता और समाज में बढ़ते विश्वास का सशक्त प्रमाण है।
वक्ताओं ने कहा कि यह पहल भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के संवैधानिक मूल्यों, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी तथा पं. श्री दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने का सार्थक प्रयास है।कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार समरस, सशक्त और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है और यूसीसी इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
इस अवसर पर माननीय राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, श्री गणेश जोशी, माननीय विधायक श्रीमती सविता हरबंस कपूर, श्री सुरेश गड़िया तथा श्री बृजभूषण गैरोला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता को लेकर समाज में व्यापक समर्थन और सकारात्मक दृष्टिकोण बन रहा है।
