। जन-जन की सरकार कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में अपात्र राशनकार्डों की पहचान और निरस्तीकरण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013, पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) नियंत्रण आदेश-2015 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत अपात्र पाए गए राशनकार्ड धारकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं
कि जनपद में अपात्र राशनकार्डों की सघन छंटनी अभियान चलाया जाए और पात्रता से बाहर पाए जाने वाले कार्डों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही ऐसे धारकों से अब तक लिया गया राशन बाजार मूल्य पर वसूला जाएगा तथा आवश्यक होने पर मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
⚖️पात्रता के मानदंड स्पष्टसमीक्षा बैठक में राशनकार्ड की पात्रता से जुड़े मानकों को भी स्पष्ट किया गया:
🔹 अंत्योदय अन्न योजना (AAY)दिव्यांग पेंशन पात्र परिवारमासिक आय ₹4,000 से कमअत्यंत गरीब परिवार
🔹 प्राथमिक परिवार (Priority Household)परिवार में दिव्यांग सदस्य होनामासिक आय ₹15,000 से कम
🔹 राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (SFSS)वार्षिक आय ₹5 लाख तक वाले परिवार शामिल9 मार्च तक स्वेच्छा से सरेंडर करें कार्डप्रशासन ने सभी राशनकार्ड धारकों से अपील की है कि यदि वे निर्धारित आय मानकों से बाहर हैं तो 9 मार्च 2026 तक स्वेच्छा से राशनकार्ड जमा कर दें।
📅राशनकार्ड निम्न स्थानों पर जमा किए जा सकते हैं:निकटतम सरकारी सस्ता गल्ला दुकान (अन्न भंडार)ग्राम पंचायत कार्यालयजिला पूर्ति कार्यालयकार्ड जमा करते समय प्रार्थना-पत्र देना और रसीद लेना अनिवार्य बताया गया है।सरेंडर नहीं करने पर होगी कार्रवाईजिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि समय सीमा के बाद अपात्र पाए जाने वाले राशनकार्ड धारकों पर:राशनकार्ड निरस्त किया जाएगा
❌बाजार दर से राशन की वसूली की जाएगी
💰कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाएगा
⚖️भविष्य में योजनाओं से वंचित किया जा सकता हैप्रशासन ने कहा है कि राशनकार्ड सरेंडर नहीं करने पर होने वाली कार्रवाई की पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित धारक की होगी।छंटनी अभियान से पारदर्शिता की उम्मीदप्रशासन का मानना है कि इस अभियान से वास्तविक गरीब और पात्र परिवारों को राशन योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा, जबकि अपात्र लोगों को सूची से बाहर किया जाएगा।
